1125 HAIGAS PUBLISHED TILL TODAY(04.09.15)......आज तक(04.09.15) 1125 हाइगा प्रकाशित Myspace Scrolling Text Creator

यदि आप अपने हाइकुओं को हाइगा के रूप में देखना चाहते हैं तो हाइकु ससम्मान आमंत्रित हैं|

रचनाएँ hindihaiga@gmail.com पर भेजें - ऋता शेखर मधु

Tuesday, 17 April 2012

वसुन्धरा की पुकार- हाइगा में

पृथ्वी दिवस( 22 April )
हरी हरी वसुन्धरा पे नीला नीला ये गगन
उसपर मस्त होकर बहता बहता ये पवन
हमारी करनी से इनपर लग ना जाए ग्रहण
क्या झेल पाएँगे हम विनाश की ये चुभन?




सारे चित्र गूगल से साभार

9 comments:

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

हाइगा के माध्यम से आपने बहुत सार्थक संदेश दिया है।


सादर

expression said...

न ढकों धरा
पोलीथीन से मित्रों
ये सांस तो ले

बेहतरीन सन्देश ऋता जी.....
धरा मुस्कुराती रहे....
बधाई.

boletobindas said...

अरे हम तो जन्मजात इस कला के धनी थे..हमें पता ही नहीं था...

boletobindas said...

अरे हम तो जन्मजात इस कला के धनी थे..हमें पता ही नहीं था...

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर संदेश देते हाइगा

दिलबाग विर्क said...

आपकी पोस्ट कल 19/4/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
http://charchamanch.blogspot.com
चर्चा - 854:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

वसुंधरा की पुकार को सार्थक संदेशों में सुंदरता से उकेरा है, बधाई.

Kailash Sharma said...

सार्थक सन्देश देते बहुत सुन्दर हाइगा ....बधाई !

abhi said...

हाईगा और सन्देश..दोनों ही बहुत खूबसूरत हैं!! :)