1125 HAIGAS PUBLISHED TILL TODAY(04.09.15)......आज तक(04.09.15) 1125 हाइगा प्रकाशित Myspace Scrolling Text Creator

यदि आप अपने हाइकुओं को हाइगा के रूप में देखना चाहते हैं तो हाइकु ससम्मान आमंत्रित हैं|

रचनाएँ hrita.sm@gmail.comपर भेजें - ऋता शेखर मधु

Saturday, 28 September 2013

मधुमालती - हाइगा में

इस बार आसमान पता नहीं क्यों उदास है...सावन बीता...भादो बीता...पर कई दिनों तक चलने वाली मुसलाधार बारिश नहीं दिखी...कभी कभार की फुहारें देखकर ही मन खुश हो जाता है...डालते हैं एक नजर हाइगा पर...





सारे चित्र गूगल से साभार

10 comments:

मुकेश कुमार सिन्हा said...

pyare haiku ke liye ek dum suitable chitron ka samayojan karna koi aapse seekhe :)
behtareen....

Unknown said...

हमेशा की तरह खूबसूरत हाएगा छूने वाली अभिव्यक्ति के साथ

Unknown said...

बेहतरीन हायगा

रविकर said...

सुन्दर प्रस्तुति है आदरणीया-
बहुत बहुत बधाई-

अरुन अनन्त said...

नमस्कार आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (22-09-2013) के चर्चामंच - 1383 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

मनमोहक खूबशूरत सुन्दर हईगा !!!

नई रचना : सुधि नहि आवत.( विरह गीत )

ऋता शेखर 'मधु' said...

शुक्रिया अरुण !

Anonymous said...

सुन्दर प्रस्तुति आदरणीय

किसी B.S.N.L के नंबर का बैलेंस जाने इस ट्रिक से

Unknown said...

फोटो से सजी सुंदर प्रस्तुति |

मेरी नई रचना :- जख्मों का हिसाब (दर्द भरी हास्य कविता)

Maheshwari kaneri said...

सुन्दर प्रस्तुति
..