1125 HAIGAS PUBLISHED TILL TODAY(04.09.15)......आज तक(04.09.15) 1125 हाइगा प्रकाशित Myspace Scrolling Text Creator

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Saturday, 10 September 2011

बचपन

रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' सर के हाइकुओं पर आधारित हाइगा;
अगली प्रस्तुति में:- डॉ हरदीप कौर सन्धु जी








सारे चित्र गूगल से साभार

13 comments:

Ravi Ranjan said...

रामेश्वर काम्बोज'हिमांशु' जी के सुन्ढर हाइकु के अनुरूप चित्रों के चुनाब से हाइगा काफी सार्थक और भावपूर्ण हो गया है| चित्रों का चुनाब कोई आप से सीखे|वाह रे बेफिक्र मुस्कान|अकेलापन में चित्रों का चुनाव बेजोड़ है| बधाई|

सहज साहित्य said...

ॠता जी मैं तो इतना ही कहूँगा कि मेरे साधारण हाइकुओं को आपने अपने हृदय में रचा-बसाकर फिर तदनुरूप चित्रों की तलाश की और हाइगा बनाने का काम सम्पन्न किया। इस सफल संयोजन के लिए आपको कोटिश: साधुवाद !!आपने जितना परिश्रम किया है वह तो अमूल्य है। उसके लिए मेरे पास शब्द ही नहीं हैं।

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

बहुत सुन्दर ..रामेश्वर जी की सुन्दर हाइकू का समायोजन चित्रों के साथ और बेहतरीन है हाईगा...खुश्बू भरी ..हर पगडण्डी ..नन्ही दुनिया ... बहुत सुन्दर ...उम्दा ..आपका सादर धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

Suman said...

nice

वन्दना said...

bahut hii khoobsoorat.

हिन्दी हाइगा said...

आप लोग यहाँ पर आए और हाइगा को पसन्द किया, इसके लिए तहे दिल से आभारी हूँ|
सादर
ऋता

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

अति सुंदर.

Shreya said...

Very very good photographs with meaningfull haiku poem...

Dr.Bhawna said...

Bahut khubsurat rup nikhra hai in haikuon ka haiga se aap donon ko bahut-2 badhai..

केवल राम : said...

हर एक गहरे अर्थ ध्वनित करता है ....प्रस्तुतीकरण का अंदाज निराला लगा .....!

डॉ. जेन्नी शबनम said...

bahut achchha laga haaiku ko haaiga ke roop mein padhna aur dekhna. Kamboj bhai ko is vidha mein mahaarat haasil hai. bahut shubhkaamnaayen.

KAHI UNKAHI said...

आदरणीय काम्बोज जी के न्यारे हाइकुओं का इतने प्यारे व सटीक चित्रों के साथ हुए इस संयोजन ने मन प्रसन्न कर दिया...।बहुत बधाई...।
प्रियंका