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रचनाएँ hindihaiga@gmail.com पर भेजें - ऋता शेखर मधु

Tuesday, 1 May 2012

बुद्धं शरणम् गच्छामि- हाइगा में

वैशाख महीना आते ही वैशाख पूर्णिमा का ध्यान आया जिसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है|
एक कोशिश गौतम बुद्ध को हाइगा में उतारने की








सारे चित्र गूगल से साभार

15 comments:

रविकर फैजाबादी said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
बुधवारीय चर्चा-मंच पर |

charchamanch.blogspot.com

रविकर फैजाबादी said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति
बुधवारीय चर्चा-मंच पर |

charchamanch.blogspot.com

expression said...

बहुत सुंदर और सात्विक ऋता जी......

आप कोई भी सुअवसर चूकती नहीं हैं......
बहुत बढ़िया...


आभार...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

सुंदर, जीवन चक्र के अनुरूप ही क्रमवार प्रस्तुति.
बुद्धम् शरणम् गच्छामि..........

Maheshwari kaneri said...

वाह: बहुत सुन्दर प्रस्तुति.... ऋता ! बढ़िया... बढ़िया...

दिगम्बर नासवा said...

वाह ... आप्न्र तो गौतम बुद्ध के जीवन कों हाइगा में उतार दिया ... बहुत बहुत लाजवाब ...

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर और सार्थक हाइगा...लाज़वाब

Mukesh Kumar Sinha said...

Hrita di.. aapki ye haiga aur haiku.. shayad sabse shandaar hain...

Raghunath Misra said...

बहुत सुन्दर- आकर्शक-नयनाभ्रिराम- दुर्लभ- अद्भुत- अनमोल प्रस्तुति. हार्दिक बधाई.
प्यार सहित,
डा. रघुनाथ मिश्र्

Raghunath Misra said...

बहुत सुन्दर-दुर्लभ-चित्ताकर्शक प्रस्तुति. साधुवाद.

Raghunath Misra said...

बहुत सुन्दर-दुर्लभ-चित्ताकर्शक प्रस्तुति. साधुवाद.

Raghunath Misra said...

सुन्दर- अद्भुत- आकर्शक-दुर्लभ प्रस्तुति.

Raghunath Misra said...

सुन्दर प्रस्तुति.

Raghunath Misra said...

sundar-chittakarshak prastuti.

RAJESH MISHRA said...

आप जैसे ही हिन्दू धर्म को बदनाम कर रहे हैं... आप जैसे लोग ही हिंदू धर्म का मखौल उड़वाते हैं.. दूसरे धर्म के लोग अगर हिन्दू धर्म को गाली देते हैं, भद्दा बोलते हैं तो आपलोगों की वजह से... भगवन के शरीर पर कुछ भी लिखना बंद करो... कभी मुस्लिम धर्म का मखौल उदा कर देखो... मुझे लगता है आप हिन्दू हो ही नहीं...