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रचनाएँ hrita.sm@gmail.comपर भेजें - ऋता शेखर मधु

Saturday, 9 March 2013

जुगलबन्दी में अनुपमा त्रिपाठी जी---हाइगा में

12 comments:

Anupama Tripathi said...

बहुत सुन्दर प्रयास .....जैसे प्रत्येक हाइकू मुखरित हो उठा हो .....आपने प्राण फूक दिए ऋता जी मेरे सभी हाइकु में .......!!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

अनुपमा जी के हाइकू और आपका प्रयास दोनों मिलकर लाजबाब प्रस्तुति,,,बधाई ऋतू जी,,

Recent post: रंग गुलाल है यारो,

शिवनाथ कुमार said...

काफी बढ़िया जुगलबंदी ,,, बेहतरीन ,,,,
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ...!

Saras said...

रंगों का इतना सुंदर खेल और हाइगा का इतना सुंदर मेल ...बस दिल बाग़ बाग़ हो गया ....होली की ढेरों शुभकामनाएं......

Saras said...

रंगों का इतना सुंदर खेल और हाइगा का इतना सुंदर मेल ...बस दिल बाग़ बाग़ हो गया ....होली की ढेरों शुभकामनाएं......

Unknown said...

बढ़िया जुगलबंदी ***** बेहतरीन ****
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ !

Archana Chaoji said...

हायकू की रंगत ही बदल जाती है हायगा होकर ...बढ़िया सारे ..

विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता' said...

आन्नद छायो
पुलकित मैं देख
जुगलबंदी

अलौकिक है
अनुपमा-ऋता की
जुगलजोड़ी !!

शुभकामनायें !!

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत बढ़िया ...मनमोहक
आप दोनों को बधाई

दिगंबर नासवा said...

अनुपम हाइगा ... आपने तो सजीव कर दिया भावों को ...

Maheshwari kaneri said...

लाजवाब जुगल बंदी.जीवंत भाव...बहुत सुन्दर प्रस्तुति! बधाई ऋता .. अभिव्यंजना मे आप का इंतजार..