आज की पेंटिंग रामेश्वर काम्बोज हिमांशु जी एवं डॉ कविता भट्ट जी के हाइकु पर आधारित हैं|
हाइगा’ जापानी पेण्टिंग की एक शैली है,जिसका शाब्दिक अर्थ है-’चित्र-हाइकु’ । हाइगा दो शब्दों के जोड़ से बना है …(‘‘हाइ” = हाइकु + “गा” = रंगचित्र चित्रकला) हाइगा की शुरुआत १७ वीं शताब्दी में जापान में हुई | उस जमाने में हाइगा रंग - ब्रुश से बनाया जाता था | लेकिन आज डिजिटल फोटोग्राफी जैसी आधुनिक विधा से हाइगा लिखा जाता है- रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’-डॉ हरदीप कौर सन्धु, हिन्दी हाइकु से साभार
यदि आप अपने हाइकुओं को हाइगा के रूप में देखना चाहते हैं तो हाइकु ससम्मान आमंत्रित हैं|
रचनाएँ hrita.sm@gmail.comपर भेजें - ऋता शेखर ‘मधु’
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Wednesday, 31 March 2021
Sunday, 2 December 2012
छाई उदासी - हाइगा में
' यादों के पाखी ' एक हाइकु संग्रह है जो रामेश्वर काम्बोज हिमांशु जी, डॉ हरदीप सन्धु जी एवं डॉ भावना कुँअर जी के सम्पादन में प्रकाशित हुई है| इसमें कुल ४८ हाइकुकारों की रचनाओं को स्थान दिया गया है जिनमें मैं भी शामिल हूँ| यह पुस्तक मुझे मिली तो इसमें प्रकाशित हाइकुओं पर हाइगा बनाने की इच्छा हुई|
पेश है आ० रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' सर के हाइकुओं पर आधारित हाइगा
सारे चित्र गूगल से साभार
Saturday, 10 September 2011
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