1125 HAIGAS PUBLISHED TILL TODAY(04.09.15)......आज तक(04.09.15) 1125 हाइगा प्रकाशित Myspace Scrolling Text Creator

यदि आप अपने हाइकुओं को हाइगा के रूप में देखना चाहते हैं तो हाइकु ससम्मान आमंत्रित हैं|

रचनाएँ hrita.sm@gmail.comपर भेजें - ऋता शेखर मधु

Monday, 31 October 2011

सूर्य-उपासना--हाइगा में

सर्व देव निराकार
सूर्य देव  साक्षात्
ऊर्जा  के  वे स्रोत
चलता है संसार|







चित्र गूगल से साभार

11 comments:

संगीता पुरी said...

बहुत खूब ..

Human said...

उत्कृष्ट प्रस्तुति!

Ravi Ranjan said...

हाइगा के रूप में इस महान व्रत की प्रस्तुति मन को भा गई|
मैं भी एक हाइकु दे रहा हूँ|यदि पसन्द आए और उचित समझें तो हाइगा बनाकर अटैच करने की कृपा करें|
साकार देव
उर्जा के महास्रोत
सूर्य नमन|

साभार

ऋता शेखर 'मधु' said...

रवि रंजन जी,
आपके हाइगा प्रकाशित हैं|

अनुपमा पाठक said...

सुन्दर छवियाँ और उतने ही सुन्दर शब्द!
ॐ आदित्याय नमः!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
सूचनार्थ!

Urmi said...

बहुत ख़ूबसूरत हाइगा रहा! शानदार प्रस्तुती!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

छठ पर सुन्दर हाईगा ..

रचना दीक्षित said...

मनभावन सतरंगी प्रस्तुति.

दिगंबर नासवा said...

वाह ... सभी कमाल के हैं ... सामयिक ...

Rama said...

सूर्य उपासना के छठ पर्व पर सतरंगी हाइगा बहुत अच्छे लगे.....बधाई एवं शुभकामनाएं ...

डा रमा द्विवेदी