1125 HAIGAS PUBLISHED TILL TODAY(04.09.15)......आज तक(04.09.15) 1125 हाइगा प्रकाशित Myspace Scrolling Text Creator

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रचनाएँ hindihaiga@gmail.com पर भेजें - ऋता शेखर मधु

Tuesday, 11 October 2011

विष का प्याला,अन्तर्व्यथा

मंजु मिश्रा एवं सुभाष नीरव जी के हाइकुओं पर आधारित हाइगा





सुभाष नीरव






सारे चित्र गूगल से साभार
हाइगा का संयोजन ladies first के आधार पर है|

9 comments:

दिलबाग विर्क said...

सुंदर हाइगा

Navin C. Chaturvedi said...

हाइगा से परिचय आप ने कराया। बहुत ही सुंदर विधा है यह। शब्द चित्रों से हम लोग अपरिचित नहीं हैं, परंतु हाइकु जैसे छोटे छंद की अभिव्यक्ति को चित्र से मिलाना, वाक़ई दुष्कर कार्य है। आप इसे बखूबी अंज़ाम दे रही हैं। अंतर्व्य्था वाला हाइगा आप के कला कौशल का अद्भुत परिचय है। ऐसे और भी हाइगा देखने को मिलते रहेंगे, यही कामना है।

रविकर said...

बढ़िया प्रस्तुति |
हमारी बधाई स्वीकारें ||

http://dcgpthravikar.blogspot.com/2011/10/blog-post_10.html

Rama said...

डा. रमा द्विवेदी
मंजू जी एवं सुभाष नीरव जी केसुन्दर हाइकुओ को आपने बखूबी चित्रों में ढाला है ...बधाई व शुभकामनाएं

Ravi Ranjan said...

वाह!बहुत सुन्दर प्रस्तुति|

डॉ. जेन्नी शबनम said...

sabhi haaiga bahut sundar, badhai.

KAHI UNKAHI said...

सुन्दर प्रस्तुति...सुभाष जी की ‘परते खोली..’, तथा ‘आँसू टपका...’ हाइगा बहुत अच्छा लगा और मंजू जी का ‘जाना ही था...’ पसन्द आया...।
मेरी बधाई...।
प्रियंका

हिन्दी हाइगा said...

Manju to me

ऋता जी,

धन्यवाद !! आपने तो इन हाइकुओं को नया रूप दे दिया है.. सभी हाइगा बहुत सुन्दर बन पड़े हैं. सभी चित्र भावोँ के साथ पूरी तरह से समन्वित हैं...
सादर
मंजु

हिन्दी हाइगा said...

सुभाष नीरव to me

ॠता जी
बहुत बहुत धन्यवाद आपका कि आपने मेरे हाइकु को इस योग्य समझा।
--
सुभाष नीरव